बलात्कार और समाज की मानसिकता।।

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16 साल की लड़की से जज ने पूछे ऐसे बेतुके सवाल कहा, रेप के दौरान टांगें क्यूँ नहीं रखी बंद!

कहते है, 'एक अपराधी को अपराध करने के बाद सबसे ज्यादा खौफ एक जज से मिलने वाली सज़ा का होता है लेकिन क्या हो तब, जब खुद एक जज पीड़ित को नजरअंदाज कर उस अपराधी का साथ देने लगे?
बेशक ही तब शायद हमारा न्याय पर से विश्वास ख़त्म हो जाएगा या फिर हम ये मान लेंगें कि कानून सचमुच अँधा है जो सिर्फ काली पट्टी बांधे आँख मूंदकर सो रहा है
दरअसल, कनाडा की फेडरल कोर्ट के जज रोबिन कैम्प ने एक १६ साल की लड़की के साथ दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध पर कोर्ट में ऐसा स्टेटमेंट दिया जिसे सुनकर सभी हैरान रह गए
जज ने पीड़िता से कहा कि, कभी-कभी सेक्स में दर्द होता है , ये कोई ख़राब बात नहीं है. उसे पता है उसने शराब पी हुई थी. ये तो लड़की की जिम्मेदारी है कि ज्यादा संभलकर रहे.' जज साहब ने ये भी कहा कि लड़की की इजाजत लेने के लिए क्या 'शादी' जैसे कुछ ख़ास शब्दों का इस्तेमाल करना पड़ता है.बता दें कि, जज के उपर कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है क्योंकि कैनेडा का कानून ये कहता है कि आप रेप विक्टिम से उसके पास्ट के बारे में सवाल नहीं कर सकते.
अच्छा हुआ कि कनाडा का कानून इतना टफ है वरना यहाँ का समाज तो रेप विक्टिम को जीते जी अपनी बातों से ही मार डालता है।
Source: daily hunt.

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